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जननी सुरक्षा योजना| Janani Suraksha Yojana in hindi

जननी सुरक्षा योजना| Janani Suraksha Yojana in hindi

Janani Suraksha Yojana जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) एक केन्‍द्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्‍य मातृत्‍व और शिशु मृत्‍यु दर को कम करना तथा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले (बीपीएल) परिवारों के लिए संस्‍थागत प्रसव को बढाना है। जेएसवाई जो कि समग्र रूप से राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के अंतर्गत आती है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों से संबद्ध 19 वर्ष से अधिक आयु की सभी गर्भवती महिलाओं को दो जीवित बच्‍चों के जन्‍म तक कवर करती है।

Janani Suraksha Yojana जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत एक सुरक्षित मातृत्व हस्तक्षेप है। यह गरीब गर्भवती महिलाओं के बीच संस्थागत वितरण को बढ़ावा देने के द्वारा मातृ और नवजात मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। यह योजना कम प्रदर्शन राज्यों (एलपीएस) पर विशेष ध्यान देने के साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में कार्यान्वयन में है।

जननी सुरक्षा योजना कब शुरू हुई थी?| When was Janani Suraksha Yojana started?

12 अप्रैल 2005 को माननीय प्रधान मंत्री द्वारा जननी सुरक्षा योजना Janani Suraksha Yojana शुरू की गई थी, जिसे सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कम प्रदर्शन वाले राज्यों पर विशेष ध्यान देने के साथ लागू किया जा रहा है। जेएसवाई एक 100% प्रायोजित योजना है और यह वितरण और पोस्ट-डिलीवरी देखभाल के साथ नकदी सहायता को एकीकृत करता है। जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवतियों की सारी जांचें नि:शुल्क होती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत माता एवं शिशु की मृत्यु दर को घटाना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
राष्ट्री य ग्रामीण स्वाथस्य्ल् मिशन के अंतर्गत प्रजनन एवं शिशु स्वाणस्य्वा कार्यक्रम के तहत माता एवं शिशु की मृत्युग दर को घटाना प्रमुख लक्ष्यय रहा है। इस मिशन के अंतर्गत स्वा स्य्स् और परिवार कल्याुण मंत्रालय ने कई नए कदम उठाये हैं जिनमें जननी सुरक्षा योजना भी शामिल है। इसकी वजह से संस्थागगत प्रजनन में काफी वृद्धि हुई है और इसके तहत हर साल एक करोड़ से अधिक महिलाएं लाभ उठा रही हैं।

जननी सुरक्षा योजना लाभ| Janani Suraksha Yojana Benefits

जननी सुरक्षा योजना Janani Suraksha Yojana  की शुरूआत संस्‍थागत प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए की गई थी जिससे शिशु जन्‍म प्रशिक्षित दाई/नर्स/डाक्‍टरों द्वारा कराया जा सके तथा माता एवं नवजात शिशुओं को गर्भ से संबंधित जटिलताओं एवं मृत्‍यु से बचाया जा सके।
इस समस्‍या का निवारण करने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने (जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम) एक जून 2011 को गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं को बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू किया था। इस योजना के अंतर्गत मुफ्त सेवा प्रदान करने पर बल दिया गया है। इसमें गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं को खर्चों से मुक्‍त रखा गया है।

इस योजना के तहत, गर्भवती महिलाएं को मुफ्त दवाएं एवं खाद्य, मुफ्त इलाज, जरूरत पड़ने पर मुफ्त खून दिया जाना, सामान्‍य प्रजनन के मामले में तीन दिनों एवं सी-सेक्‍शन के मामले में सात दिनों तक मुफ्त पोषाहार दिया जाता है। इसमें घर से केंद्र जाने एवं वापसी के लिए मुफ्त यातायात सुविधा प्रदान की जाती है। इसी प्रकार की सुविधा सभी बीमार नवजात शिशुओं के लिए दी जाती है। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हर साल लगभग एक करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को योजना का लाभ मिला है।

जन्‍म से 30 दिनों तक रूग्‍ण नवजात शिशु हेतु सभी दवाएं और अपेक्षित खाद्य मुफ्त में मुहैया कराई जाती है। माता के साथ-साथ नवजात शिशु की भी मुफ्त जांच की जाती है और आवश्‍यकता पड़ने पर मुफ्त में खून भी दिया जाता है। घर से केंद्र जाने और आने के लिए भी मुफ्त में वाहन सुविधा दी जाती है।

संक्षेप में, केंद्र में प्रजनन कराने से माता के साथ-साथ शिशु की भी सुरक्षा रहती है। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जहां गर्भवती महिला को नकद सहायता दी जाती है, वहीं पर जननी सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं तथा रूग्‍ण नवजात शिशुओं पर खर्चा कम करना पड़ता है। इससे सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में जाना बढ़ा है तथा इससे माताओं एवं शिशुओं की मृत्‍यु दर में कमी आई है।

जननी सुरक्षा योजना का प्रभाव| Impact of Janani Suraksha Yojana

240,713 महिलाओं को जेएसवाई Janani Suraksha Yojana के तहत एक संस्थान में जन्म देने के लिए समर्थन दिया गया है।

इन महिलाओं में से 209, 314 पूर्ण लाभ प्राप्त हुए (पूर्व-प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल, नकद भुगतान और स्तनपान सहायता सहित)।

जेएसवाई को समुदाय स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों  के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है, जो गर्भवती महिलाओं की पहचान करते हैं और उन्हें प्रसवपूर्व देखभाल, संस्थागत प्रसव, और प्रसवपूर्व देखभाल के लिए प्रेरित करते हैं। आशाओं को शहरी क्षेत्रों में 200 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 600 रुपये के भुगतान को उच्च-केंद्रित राज्यों में सहायता मिली है।

हालांकि, इस योजना द्वारा लो परफॉर्मिंग स्टेट्स (एलपीएस) पर विशेष ध्यान दिया गया है। जहां 25% से कम महिलाएं स्वास्थ्य संस्थान में जन्म देती हैं। सात पीएसीएस राज्यों में से छह – बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश – को कम प्रदर्शन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार अब हर गर्भवती महिला को छह हजार रुपये देगी।

जननी सुरक्षा योजना द्वारा दिए गए रकम| Amount given by Janani Suraksha Yojana

अब तक जननी सुरक्षा योजना Janani Suraksha Yojana के तहत ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं एक हजार रुपये दिए जाते थे। अब प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें पांच हजार रुपये और मिलेंगे।

अब मातृत्व लाभ के रूप में 6,000 रुपये प्रदान करना है। इस बात की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 31 दिसम्बर 2016 की शाम को किया। वर्तमान में यह देश के 50 से अधिक जिलों में लागू  है और अगले वित्त वर्ष 200 जिलों को कवर करने का लक्ष्य है।

इस योजना के तहत पंजीकृत प्रत्येक लाभार्थी को एक एमसीएच कार्ड के साथ एक जेएसवाई कार्ड होना चाहिए। आशा / एडब्लूडब्ल्यू / एएनएम और एमओ की समग्र निगरानी के तहत किसी भी अन्य पहचान किए गए लिंक कर्मचारी, पीएचसी को अनिवार्य रूप से सूक्ष्म जन्म योजना तैयार करनी चाहिए।एलपीएस राज्य सरकारी गर्भावस्था में दे रही सभी गर्भवती महिलाएं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राजकीय चिकित्सालय एवं जेएसवाई पंजीकृत निजी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना की राशि का भुगतान आगामी 1 अगस्त से उनके बैंक खाते में आँनलाइन स्थानांतरित किया जाएगा। प्रथम चरण में यह सुविधा प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों, उपखंड अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लागू की जाएगी। वर्तमान में जननी सुरक्षा योजना की देय प्रोत्साहन राशि शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को 1000 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये डिस्चार्ज के दौरान दी जाती है। उन्होंने बताया कि संस्थागत प्रसव के आने वाली गर्भवती महिलाओं के जीरो बैलेंस पर बैंक खाते आशासहयोगिनियों व स्वास्थ्य कार्मिकों के सहयोग से खुलवाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।  इस योजना का लाभ दम्पत्ति के पहले 2 बच्चो के जन्म तक सीमित हैं।

इस योजना की लक्ष्य गर्भवती महिला को सहायता देना है जिससे वो बच्चे के जन्म और बच्चों की देखभाल के समय में आर्थिक रूप से असमर्थ न हो। इस योजना के तहत सुरक्षित प्रसव की स्थिति के साथ-साथ अच्छा भोजन और पोषण भी मिल सकेगा नावजात बच्चे को।

जननी सुरक्षा योजना की 6000 की राशी कैसे मिलेगा?| How to get the 6000 amount of Janani Suraksha Yojana?

1. जननी सुरक्षा योजना Janani Suraksha Yojana  मे गर्भवती महिला को पहली राशि 1500 रूपय दी जाती है।
2. दूसरी राशी 1500 रूपए प्रसव के 90 दिन बाद दी जाती किन्तु उसके लिए आपको बच्चे का पंजीकरण कराया होना चाहिए।
3. बच्चे के जन्म के 6 महीने बाद बाकि राशी प्रदान किया जाता है।

जननी सुरक्षा योजना पर कौन आवेदन कर सकता है?| Who can apply to Janani Suraksha Yojana in Hindi?

1. कोइ भी गर्भावती महिला जो 19 वर्ष या उससे अधिक आयु की हो वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकती है।
2. वह महिला जो मैटरनिटी लीव पर है वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकती है क्युकी उन्हें पहले ही लीव पर भी तनख्वा मिल रही है।
3. जिन महिलायों ने गर्भावस्था के प्रथम 4 महीने में नजदीकी आगनबाड़ी में रजिस्ट्रेशन कराया हो।
4. किसी भी हेल्थ सेंटर पर 1 से .3 सेशन तक परामर्श लिया हो।
5. किसी भी इफा में दवा लिया हो।

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