जीवन परिचय

नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय | Narendra modi biography in hindi

नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय | Narendra modi biography in hindi

मुझे देश के लिए मरने का कोई अवसर नहीं मिला, लेकिन मुझे देश के लिए जीने का मौका मिला है  – Narendra Modi

पूरा नाम  – नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
जन्म       – 17 सितम्बर 1950
जन्मस्थान – वडनगर, जि. मेहसाना (गुजरात).
पिता       – दामोदरदास मूलचंद मोदी
माता      – हीराबेन मोदी
विवाह     – जशोदाबेन के साथ

आज देश भर में श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के चाहने वालों की तादात इतनी ज्यादा है जितनी किसी एक सेलेब्रिटी तक की नहीं हुयी होगी कभी। श्री नरेंद्र मोदी ने बहुत ही कम समय में भारत ही नहीं वरन देश भर में अपनी लोकप्रियता कमा ली है। हमें अमूमन ये लगता है कि हमारे जीवन में सारी मुश्किलें हैं और इसे हमारे अलावा तो कोई समझ ही नहीं सकता। इसीलिए हम ये मानकर बैठ जाते हैं कि हमसे तो कुछ न होने वाला। लेकिन जैसे ही हम ऐसी महान शख्सियत के जीवन की उन तमाम मुश्किलों और बाधाओं से भरी कहानी को सुनते और देखते हैं जिसने अपनी तमाम मुश्किलों के बावजूद भी हमारे लिए एक प्रेरणा का श्रोत बनकर हमारे समक्ष खुद को प्रस्तुत किया है। तो आइये हम ऐसी ही एक महान व्यक्तित्व कि बात करेंगें जिन्होंने हमें यह सिखाया है कि मनुष्य अपने कर्मों से बड़ा या छोटा होता है न की धर्म, जाति, वेश और न रंग से।

2014 के चुनाव के परिणाम स्वरुप भारत के १५वे प्रधानमंत्री के रूप में सामने आये श्री नरेंद्र मोदी। बच्चे बच्चे के ज़बान पे भी एक ही नाम का नारा था ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’। ‘हर हर मोदी घर घर मोदी’। पूरा भारत नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के पद पर देखने को बेचैन था। प्रशाशनिक प्रतिभा और एक मज़बूत हस्ती के रूम में सामने आये श्री नरेंद्र मोदी जिनका नाम पहले गुजरात की राजनीती और अब पुरे भारत की राजनीती में दर्ज है जिसने एक चाय के स्टाल से चलकर प्रधानमंत्री तक के सफर को पूरा किया।

१९७५ में भारत के राजनैतिक झगडे के कारण प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने आर. एस. एस. संस्था को बंद करने का ऐलान कर दिया परन्तु नरेंद्र मोदी फिर भी गुप्त रूप से असहाय लोगों की सहयता करते रहे। उनके इस काम से खुश होकर भाजपा में उन्हें सदस्य बना लिया गया।

नरेंद्र मोदी का बचपन

नरेन्द्र मोदी का  पूरा नाम  – नरेन्द्र दामोदरदास मोदी  है. जन्म 17 सितम्बर 1950 को वडनगर के मेहसाना जिले में पंसारी परिवार में हुआ.दामोदर दास मोदी की बड़नगर के रेलवे स्टेशन पर चाय की एक छोटी सी दुकान थी .7 साल के नरेंद्र  सुबह ही रेलवे स्टेशन पहुचकर अपने पिताजी का हाथ बटाते  और कुछ समय बाद में अपने भाई के साथ बस स्टैंड के पास खुद का चाय का स्टाल चलाना शुरू किया.उनकी माँ घर घर जाकर बर्तन साफ़ करती .

भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी आज भारत के सबसे ज्यादा चर्चित व्यक्ति हैं। केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी उनके नाम के अनेकों प्रसंशक हैं। माननीय नरेन्द्र दामोदरदास मोदी (पूरा नाम) भारत के 15 वें प्रधानमंत्री हैं एवं ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म स्वतंत्र भारत (यानि 1947 के बाद) में हुआ।

नरेन्द्र मोदी / Narendra Modi का राजनीती :

13 वर्ष की आयु में नरेन्द्र की सगाई जसोदा बेन चमनलाल के साथ कर दी गयी। लेकिन कुछ पारिवारिक समस्याओं के कारण 1967 में मात्र 17 वर्ष की उम्र में ही ये घर छोड़ कर चले गए। ये घर छोड़कर उत्तरी भारत में स्थित स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित हिन्दू आश्रम एवं कोलकाता के बेलूर मठ ऐसे ही कई आश्रामों का भृमण करने लगे। इन्हीं दिनों में इन्होंने जीवन को गहराई से जाना अपनी सोच को सुधारा और करीब 2 साल बाद फिर से वापस घर आ गए। इसके बाद मोदी जी आर.एस.एस. (R.S.S.) के सदस्य बने और पूरी मेहनत से आर.एस.एस. के लिए काम करने लगे। इतनी व्यस्तता के बावजूद मोदी जी पढाई करना नहीं छोड़ा और राजनीति विज्ञान में डिग्री प्राप्त की। वो दिन रात लोगों की सेवा करते लोगों से जुड़ते और उनकी समस्या को करीब से जानने की कोशिश करते।

फेबुअरी 2002 में जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे थे. आने जाने वाली ट्रेन पर किसी ने अटैक किया, जो कथित रूप से मुस्लिमो ने किया था. और बदले के  इरादे से गुलबर्ग के मुस्लिमो पर भी हमला किया गया. इस तरह हिंसा बढती गयी इस वजह से मोदी सरकार को उस समय कर्फ्यू की घोषणा करनी पड़ी.

कुछ समय बाद दोनों ही समुदाय में शांति की स्थिति आई और तब मोदी सरकार की कई लोगो ने पुरे देश में आलोचना की क्यू की उस हमले में 1000 से भी ज्यादा मुस्लिम मारे गए थे. मोदी के विरुद्ध 2 जांच कमिटी गठित करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने पाया की मोदी के विरुद्ध कोई गवाह नहीं है जिस से उन्हें दोषी ठहरा सके.

और बाद में मोदी 2007 और 2012 में पुनः गुजरात के मुख्यमंत्री नियुक्त हुए. और तब से मोदी बातो पर कम और आर्थिक विकास पर ज्यादा ध्यान देने लगे. गुजरात के विस्तार और प्रगतशील होने का श्रेय आज भी मोदी को ही दिया जाता है. आज उनका गुजरात मॉडल पुरे राष्ट्र में प्रसिद्द है.

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपाय

  • भ्रष्टाचार से सम्बन्धित विशेष जाँच दल (SIT) की स्थापना
  • योजना आयोग की समाप्ति की घोषणा।
  • समस्त भारतीयों के अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा में समावेशन हेतु प्रधानमंत्री जन धन योजना का आरम्भ।
  • रक्षा उत्पादन क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति
  • ४५% का कर देकर काला धन घोषित करने की घूट
  • सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिसों की स्वीकृति
  • रेल बजट प्रस्तुत करने की प्रथा की समाप्ति
  • काले धन तथा समान्तर अर्थव्यवस्था को समाप्त करने के लिये ८ नवम्बर से २०१६ से ५०० तथा १००० के प्रचलित नोटों को अमान्य करना

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