sheila dixit bio in hindi
जीवन परिचय

शीला दीक्षित का जीवन परिचय Sheila Dikshit Biography in hindi

  • शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च, 1938 को पंजाब (punjab) के कपूरथला नगर में हुआ था इन्होंने अपनी शिक्षा दिल्ली के कान्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से ली। बाद में स्नातक और कला स्नातकोत्तर की शिक्षा मिरांडा हाउस कालेज से ली।
  • उनका विवाह उन्नाव (यूपी) के आईएएस अधिकारी विनोद दीक्षित से हुआ था। विनोद कांग्रेस के बड़े नेता और बंगाल के पूर्व राज्यपाल उमाशंकर दीक्षित के बेटे थे। शीला के बेटे संदीप दीक्षित भी दिल्ली के सांसद रह चुके हैं।
पूरा नामशीला दीक्षित
जन्म31 मार्च, 1938
जन्म भूमिकपूरथला, पंजाब
पति/पत्नीस्व. विनोद दीक्षित
संतानएक पुत्र व एक पुत्री
नागरिकताभारतीय
पार्टीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
पदकेरल की पूर्व राज्यपाल, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री
कार्य कालमुख्यमंत्री- 3 दिसम्बर, 1998 से 4 दिसम्बर, 2013 तक; राज्यपाल- 11 मार्च, 2014 से 25 अगस्त, 2014
शिक्षास्नातकोत्तर
विद्यालयकान्वेंट ऑफ़ जीसस एंड मैरी स्कूल, मिरांडा हाउस कॉलेज
भाषाहिंदी, अंग्रेज़ी
जेल यात्राअगस्त 1990 में 23 दिनों की जेल यात्रा
अन्य जानकारीव्यक्तिगत जीवन में आत्म-निर्भर और आत्मविश्वासी महिला शीला दीक्षित ने लगातार तीन बार मुख्यमंत्री पद पर जीत दर्ज करके दिल्ली में एक रिकॉर्ड बनाया है।

शीला दीक्षित : लगातार 15 साल दिल्ली की मुख्‍यमंत्री रहीं

राजनीतिक परिचय : Sheila Dikshit Political Carrier

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के खिलाफ आंदोलन के चलते शीला दीक्षित और उनके 82 साथियों को अग्सत 1990 में 23 दिल तक जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। इन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ की महिला स्तर समिति में भारत का प्रतिनिधित्व भी पांच वर्षों (1984 – 89) तक किया।  शादी के बाद शीला दीक्षित ने कन्‍नौज लोकसभा का चुनाव लड़ा और 1984 से 1989 तक वहॉ की सांसद बनीं

1986 से 1989 में वे केन्द्रीय मंत्रिमंडल में संसदीय मामले की राज्यमंत्री रहीं तथा बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री बनीं।

यूपी में बुरी तरह से विफल होने के बाद शीला दीक्षित ने दिल्ली का रुख किया और कांग्रेस ने उन्हें दिल्ली की कमान सौंपी जिसे उन्होंने बखूबी निभाया और बतौर दिल्ली की मुख्यमंत्री उन्होंने काफी लंबी पारी खेली।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षितको केरल का राज्यपाल बनाया गया लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित 08 दिसंबर 2013 को आए विधानसभा के नतीजों से सन्न थीं। इस चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 8 सीटों तक सिमट कर रह गई। ये 3 दिसम्बर, 1998 से 4 दिसम्बर, 2013 तक लगातार 15 वर्ष तक दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री रहीं थीं

2013 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा जहां उनकी सीधी टक्कर लगातार 15 साल से शीला दीक्षित से थी। उन्होंने नई दिल्ली विधानसभा सीट से तीन बार की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को 22 हज़ार मतों से हराया। 

इसके बाद कांग्रेस ने उन्‍हें 2014 में केरल का राज्यपाल बनाया दिया

शीला दीक्षित से जुड़े विवाद | Controversies

दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते समय इन्हें काफी विवादों का सामना करना पड़ा है  इनका नाम राष्ट्रमंडल खेल के दौरान हुए भ्रष्टाचार से जुड़ा था. इसके अलावा इनपर साल 2009 में व्यक्तिगत विज्ञापनों के लिए राजीव रतन आवास योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत धन का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगा था.

Award

संख्याअवार्ड का नाम
12008 में जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री
2एनडीटीवी द्वारा 2009 में राजनेता ऑफ द ईयर पुरस्कार
32013 में दिल्ली वीमेन ऑफ़ द डिकेड अचीवर्स अवार्ड्स

शीला दीक्षित का निधन (Sheila Dixit death)

शीला दीक्षित लंबे समय से बीमार चल रही थी और इनका इलाज स्कॉर्ट हॉस्पिटल में चल रहा था.इनका निधन 20 जुलाई 2019 को दिल्‍ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल शाम 3 बजकर 55 मिनट पर हो गया

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